नई दिल्ली, मार्च 30 -- महाभारत सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह रिश्तों, फैसलों और परवरिश की गहरी समझ भी देता है। पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा बताती हैं कि अगर महाभारत की कहानियों को ध्यान से समझा जाए तो आज के माता-पिता अपनी पेरेंटिंग को और बेहतर बना सकते हैं। उस समय की गलतियां आज भी घर-घर में दोहराई जा रही हैं, बस रूप बदल गया है। पुष्पा शर्मा के अनुसार, बच्चों को सही दिशा देने के लिए सिर्फ प्यार काफी नहीं होता, सही समय पर अनुशासन, भावनात्मक जुड़ाव और सही मार्गदर्शन भी उतना ही जरूरी है। अगर इन तीन चीजों का संतुलन बिगड़ जाए तो बच्चे का व्यवहार भी गलत दिशा में जा सकता है।जब प्यार में अनुशासन खो जाता है पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा कहती हैं कि पेरेंट्स का अंधा प्यार कभी-कभी बच्चों के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। महाभारत में धृतराष्ट्र अ...