बाराबंकी, जुलाई 22 -- रामनगर। तहसील रामनगर मुख्यालय से तीन किमी उतर स्थित श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि महाभारत कालीन इतिहास और पौराणिक परंपराओं का भी साक्षी माना जाता है। सावन, महाशिवरात्रि, कजरी तीज को बड़े मेले लगते हैं जब कि प्रत्येक सोमवार को स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ होती है। अन्य पर्वों पर भी यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार लाक्षागृह से बच निकलने के बाद अज्ञातवास के दौरान पांडव कुछ समय तक इस क्षेत्र में रुके थे। महर्षि व्यास की प्रेरणा से माता कुंती ने यहां रुद्र महायज्ञ कराया और भगवान शिव की स्थापना का संकल्प लिया। यह भी पढ़ें- Barabanki News: श्री लोधेश्वर महादेवा में सावनी मेले की तैयारियां तेज मान्यता है कि भीम हिमालय क्षेत्र से शिवलिंग लाए ज...