नई दिल्ली, मई 18 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि किसी हाईकोर्ट के महापंजीयक न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं कर सकते, जब तक कि उन्हें मुख्य न्यायाधीश या हाईकोर्ट के जज की किसी समिति द्वारा अधिकृत नहीं किया जाए।

महिला न्यायिक अधिकारी का मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि जब तक अनुशासनात्मक कार्यवाही को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या जज की समिति द्वारा अनुमोदित नहीं किया जाता, तब तक ऐसी कार्रवाई अवैध होगी। पीठ ने ये टिप्पणियां उत्तराखंड हाईकोर्ट के प्रशासनिक पक्ष द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कीं, जिसमें हाईकोर्ट की खंडपीठ के जनवरी 2026 के एक फैसले को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक महिला न्यायिक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने की सजा को रद्द...