बाराबंकी, जनवरी 31 -- बाराबंकी। गांधी की हत्या हर रोज हो रही है। पूरे मुल्क में सैकड़ों जगह उन्हें मारा जा रहा है। उससे क्या वह मर गए? गांधी के शरीर को मारने से क्या वह मर गए? नहीं। हम लोग आज यहां बैठकर उन्हें याद कर रहे हैं, यही गांधी के जिन्दा होने का सबूत है। जब तक हम बिना दूसरे से नफ़रत किए उसका विरोध कर सकते हैं यानि सविनय विरोध कर सकते हैं तब तक गांधी जिन्दा रहेंगे। यह बात गांधी भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वें बलिदान दिवस पर आयोजित महात्मा गांधी स्मृति व्याख्यान के मुख्य वक्ता देश के सुप्रसिद्ध पत्रकार एवं गांधीवादी अध्येता राहुल देव ने कही। शुक्रवार को गांधी भवन में प्रात: 11 बजे दो मिनट को मौन रखकर महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत बालाजी का बचपन स्कूल द्वारा 'रघुपति र...
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