वाराणसी, अप्रैल 26 -- वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मंच कला विभाग में शनिवार को 'सितार वादन में गायकी एवं तंत्रकारी' विषयक विशेष व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट के प्रो. संजय वर्मा ने तंत्र वाद्य पर गायकी और तंत्रकारी अंग से किस प्रकार वादन किया जाता है, के बारे में विस्तृत जानकारी दी। दोनों अंगों में राग यमन और राग भीमपलासी में वादन कर दोनों का अंतर समझाया। उन्होंने सितार वादन में काकु भेद एवं स्वरों के नादात्मक भेद को स्पष्ट किया। गायकी के दो विशिष्ट अंग ध्रुपद एवं ख्याल की भी चर्चा की। इस दौरान तबला संगतकार के रूप में विभाग के अध्यापक अनूप तिवारी ने साथ दिया। स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ.संगीता घोष, संचालन दिव्यांशी दुबे एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ.आकांक्षी ने किया।
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