लखनऊ, अप्रैल 15 -- ठाकुरगंज स्थित भगवान श्री परशुराम जी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन भरत चरित्र और चित्रगुप्त चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। साथ ही भगवान चित्रगुप्त की विशेष आरती व महाआरती का भव्य आयोजन हुआ। श्रद्धालु भजन-कीर्तन में लीन होकर भाव-विभोर हो उठे। कथा व्यास डॉ. योगेश व्यास ने दक्ष प्रजापति द्वारा भगवान शिव से माता सती के विवाह का प्रसंग अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर दुर्गेश व्यास ने कहा कि भगवान के बिना भवसागर पार करना असंभव है। कथा में आयोजक अनुराग पांडेय, राममोहन तिवारी, रमाकांत शुक्ला, अर्पित शुक्ला, एसके मिश्रा, नरेंद्र निगम, अशोक श्रीवास्तव, श्वेता सिंह, सुनीता पांडेय सहित तमाम श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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