सहारनपुर, जनवरी 1 -- रुड़की रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में विगत एक सप्ताह से चल रही श्री भागवत कथा का महा आरती के साथ ही समापन हो गया। इस दौरान विशाल भंडारे का आयोजन एवं कन्याओं को भोज भी कराया गया। श्री खाटू श्याम मंदिर में भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक पण्डित मनोज महाराज ने गीता के अट्ठारह अध्याय का सार कहते हुए कहा कि गीता भगवान की वाणी है। गीता हमें निष्काम कर्म करने की शिक्षा देती है। जहाँ श्रीकृष्ण ओर अर्जुन की जोडी है,वहाँ विजय ओर विभूति स्वतः ही प्राप्त होती हैं। यज्ञ भी परमात्मा का ही रूप है। यज्ञ में आहुति अर्पण करने से वायुमंडल पवित्र होता है। यज्ञ से देव-गुरू तथा पितरों के आशीर्वाद मिलते हैं। पण्डित मनोज महाराज ने सभी को आदर्श चरित्रवान जीवन, गौसेवा, देश-सेवा, नारी सम्मान, माता-पिता का आदर, एवं संगठित होकर रहने के प्रेरणा...
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