महर्षि वेदव्यास ने गुरु शिष्य परंपरा को सुदृढ़ किया
कानपुर, जुलाई 29 -- कानपुर। सीएसजेएमयू के दीनदयाल शोध केंद्र में बुधवार को भगवान वेदव्यास जयंती (गुरु पूर्णिमा) का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक परंपरा के अनुरूप विधि-विधान से मनाया गया। शुभारंभ महर्षि वेदव्यास के पूजन एवं पुष्पार्चन से हुआ। वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। वक्ताओं ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महर्षि वेदव्यास ने वेदों का संहिताकरण, महाभारत एवं अठारह पुराणों की रचना कर भारतीय ज्ञान-संपदा को व्यवस्थित रूप प्रदान किया। यह भी पढ़ें- गुरु की खोई प्रतिष्ठा लौटाना ही महर्षि वेदव्यास को सच्ची श्रद्धांजलिवक्ताओं का विचार आचार्य डॉ. श्रवण कुमार द्विवेदी, संगम बाजपेयी व दीनदयाल शोध केंद्र के निदेशक प्...
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