गौरीगंज, मई 17 -- अमेठी। जिले में हरियाली बढ़ाने के साथ लोगों को औषधीय पौधों के महत्व से जोड़ने के लिए वन विभाग ने महर्षि चरक औषधि वन स्थापित करने की तैयारी की है। वर्षाकाल में वन विभाग की ओर से एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में औषधीय गुणों से भरपूर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही लोगों को पौधों के औषधीय गुणों और इनके उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी। महर्षि चरक को चिकित्सा शास्त्र का जनक माना जाता है। उन्होंने अपने ग्रन्थ चरक संहिता में विभिन्न पेड़ पौधों व जड़ी बूटियों का उपयोग करके रोगों के इलाज की विधि की जानकारी दी थी। उन्हीं महर्षि चरक की स्मृति में वन विभाग ने महर्षि चरक औषधि वन तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश द्वारा प्रभागीय वनाधिकारी को पत्र भेजकर दिशा निर्देश दिए गए हैं. यह भी पढ़ें...