महाराजगंज, मार्च 27 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिले में संचालित आइसक्रीम निर्माण इकाइयों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विभिन्न तहसीलों से लिए गए नमूनों की जांच में अधिकांश आइसक्रीम निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी। खाद्य विश्लेषक उत्तर प्रदेश लखनऊ की रिपोर्ट में सामने आया है कि कई नमूनों में वसा की मात्रा तय न्यूनतम 10 प्रतिशत से काफी कम पाई गई।खाद्य विश्लेषक उत्तर प्रदेश लखनऊ की रिपोर्ट के मुताबिक धानी ढाला के दो, नौतनवां व निचलौल क्षेत्र के एक-एक समेत कुल चार इकाइयों से लिए गए नमूनों में वसा मात्रा 2.08 फीसदी, 0.70 फीसदी, 2.49 फीसदी व 2.73 फीसदी मिली है। जबकि निर्धारित मात्रा का मानक दस फीसदी है। इससे कम नहीं होना चाहिए। न्याय निर्णायक अधिकारी/एडीएम (वित्त एवं राजस्व) डॉ. प्रशांत कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख...