नई दिल्ली, जुलाई 23 -- दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का आंदोलन इन दिनों देश की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। NEET 2026 पेपर लीक से भड़के छात्र, 'चलो संसद' मार्च, पुलिस का लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग- यह सब बता रहा है कि छात्रों का गुस्सा चरम पर है। शुरुआत में जिसे सिर्फ एक 'ऑनलाइन मीम' या सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी से जन्मा मजाक समझा गया था वह आज सरकार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है। भारतीय राजनीति के इतिहास में यह पहली बार नहीं है जब छात्रों के किसी मुद्दे ने सत्ता की चूलें हिला दी हों। जब भी सत्ता ने छात्रों के गुस्से को कमतर आंका है, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ी है। इसका सबसे सटीक और ऐतिहासिक उदाहरण है- 1974 का गुजरात का नवनिर्माण आंदोलन। एक ऐसा आंदोलन जो हॉस्टल के मेस बिल में महज 30 रुपये की बढ...