उन्नाव, मार्च 2 -- गंजमुरादाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रविवार रात किसी डरावने सपने जैसी थी। एक तरफ रफ्तार का कहर था, तो दूसरी तरफ अपनों को खोने का डर। महज एक घंटे के भीतर हुए दो हादसों ने न केवल सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी, बल्कि सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक के माहौल को गमगीन कर दिया। अस्पताल में अफरातफरी, कम पड़ गए स्ट्रेचर जैसे ही घायलों को लेकर एंबुलेंस सीएचसी बांगरमऊ पहुंचीं, वहां चीख-पुकार मच गई। एक साथ 31 गंभीर घायलों के आने से अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। हालात यह थे कि वार्डों में बेड कम पड़ गए और घायलों को लाने के लिए स्ट्रेचर तक कम पड़ गए। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने जमीन पर ही प्राथमिक उपचार शुरू किया। रात भर गूंजते रहे एंबुलेंस के सायरन बांगरमऊ से जिला अस्पताल के बीच की सड़क रात भर एंबुलेंस के सायरन से गूंज...
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