महंगे बीमा ने रोक दी फिटनेस, सड़कों पर जोखिम भरी यात्रा
मऊ, मई 17 -- मऊ, संवाददाता। परिवहन विभाग में इस समय 'फिटनेस संकट' गहराया हुआ है। सड़कों पर दौड़ती सैंकड़ों बसों की फिटनेस जांच पर ब्रेक लग गई है। इसका सबसे बड़ा कारण व्यावसायिक वाहनों के बीमा प्रीमियम में हुई बेतहाशा वृद्धि और मालिकों पर लदा पुरानी किस्तों का बोझ है। स्थिति यह है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे बस संचालक न तो बीमा करा पा रहे हैं और न ही फिटनेस, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में है। बिना वैध बीमा के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सकता, इसलिए बिना फिटनेस के ही बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं। परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार, किसी भी व्यावसायिक वाहन की फिटनेस जांच के लिए 'वैध बीमा' का होना अनिवार्य शर्त है। लेकिन, वर्तमान में बस मालिकों के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। पिछले कुछ समय में व्यावसायिक वाहनों के बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी...
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