हमीरपुर, दिसम्बर 9 -- मुस्करा। कस्बे में रबी की फसल की बुवाई के समय किसानों के सामने खाद का गहरा संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां सरकारी समितियां खाली पड़ी हैं, वहीं दूसरी तरफ निजी खाद विक्रेता किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर जमकर चांदी काट रहे हैं। हालत यह है कि सरकारी रेट से लगभग दोगुने दाम पर खाद बेची जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं। सरकार द्वारा किसानों को राहत देने के लिए खाद की एक बोरी का रेट 266 रुपए निर्धारित किया गया है। लेकिन कस्बे की हकीकत इससे कोसों दूर है। सरकारी समितियों में खाद उपलब्ध न होने के कारण किसान निजी लाइसेंसधारक दुकानों का रुख करने को मजबूर हैं। आरोप है कि इन दुकानों पर 266 रुपए वाली खाद की बोरी धड़ल्ले से 450 रुपए में बेची जा रही है। खाद की किल्लत और ओवररेटिंग से जूझ रहे पीड़ित किसान विनोद त्रिप...
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