हाथरस, अप्रैल 3 -- एक अप्रैल से स्कूलों में नवीन सत्र की शुरूआत हो गई। निजी स्कूलों में मंहगी किताबों ने अभिभावकों की जेब का गणित बिगाड़ दिया है। तमाम निजी स्कूलों के स्तर से कमीशनखोरी के चक्कर में मंहगी किताबों को दिया जा रहा है। हर साल निजी स्कूल संचालकों के स्तर से कमीशनखोरी के चक्कर में किताबों के दाम बढ़ा दिये जाते है। इसके साथ ही बाध्यता रहती है कि स्कूलों से ही पाठ्य पुस्तकों को खरीदा जाए। यूनिफार्म से लेकर किताब,कापियों के अलावा जूते मोजे,स्कूल बैग आदि मंहगे दामों में दिए जाते है। निजी स्कूल संचालकों की सेटिंग प्रकाशकों से होती है। जिस वजह से बच्चों के अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक अप्रैल से नवीन सत्र की शुरूआत हो गई। नवीन सत्र की शुरूआत होते ही स्कूलों में रोली व चंदन का टीका लगाकर बच्चों का स्वागत किया गया। ...
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