नई दिल्ली, जनवरी 29 -- भारतीय शेयर बाजार बहुत महंगा हो गया। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने आर्थिक समीक्षा पेश होने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान ये बात कही। उन्होंने कहा कि साल 2008 के बाद का ईजी मनी यानी आसानी से पैसे की उपलब्धता वाला दौर वर्ष 2022 और 2023 में उच्च मुद्रास्फीति का कारण बना और शेयर बाजार को भी काफी महंगा कर दिया। उन्होंने कहा- शेयर बाजार के वैल्युएशन मार्च, 2000 में टेक कंपनियों का गुब्बारा फूटने से पहले के स्तर तक पहुंच गए थे। नागेश्वरन ने मौजूदा बाजार जोखिमों के बारे में आगाह करते हुए कहा कि ये जोखिम कुछ गिनी-चुनी बड़ी कंपनियों के वर्चस्व और बैंकों से हटकर अपेक्षाकृत कम रेग्युलेटेड नॉन-बैंक सोर्सेज की तरफ ग्लोबल फाइनेंशियल फ्लो के कारण और बढ़ रहे हैं।लोकलुभावन योजनाओं पर क्या बोले? नागेश्वरन ने यह ...
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