महंगा पड़ा क्लेम ठुकराना: 'डॉक्टर ने कहा भर्ती जरूरी, दावा क्यों खारिज किया?'
नई दिल्ली, जुलाई 24 -- दिल्ली के उपभोक्ता आयोग ने एक अहम फैसले में साफ कहा है कि अगर मरीज को इलाज करने वाले डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है, तो बीमा कंपनी यह कहकर क्लेम नहीं रोक सकती कि "भर्ती होना मेडिकली जरूरी नहीं था"। आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी अगर ऐसा कहती है, तो उसे अपनी बात साबित करने के लिए पक्के मेडिकल सबूत देने होंगे। अगर उसके पास ऐसा कोई सबूत नहीं है, तो वह डॉक्टरों की सलाह को नहीं टाल सकती।क्या था पूरा मामला? यह मामला शिवानी तोमर नाम की एक महिला का है। वह साल 2010 से ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की हेल्थ पॉलिसी ले रही थीं। नवंबर 2023 में उन्हें सीने में भारीपन, सांस लेने में तकलीफ, पेट में दर्द, मिचली, सिरदर्द और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई। इसके बाद उन्हें मैक्स हेल्थकेयर अस्पताल, वैशाली में भर्ती कराया गया। बीमा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.