चंदौली, जून 9 -- पीडीडीयू नगर, वरिष्ठ संवाददाता। वैश्विक तनाव और ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दिखाई देने लगा है। इसी में व्यावसायिक वाहनों में महंगी डिवाइस लगाने की अनिवार्यता ने ट्रक मालिकों और ट्रांसपोर्टरों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। मालिकों और ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल के बढ़े दामों ने माल ढुलाई की लागत बढ़ा दी है। जिससे ट्रांसपोर्टरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई मार्गों पर भाड़ा दरों में वृद्धि हुई है और ट्रांसपोर्ट कंपनियां फ्यूल सरचार्ज लगाने को लाचार हो गई हैं। यह भी पढ़ें- फिटनेस ने होने की वजह से खड़े हुए ट्रक, माल भाड़ा बढ़ा परिवहन लागत का प्रभाव विशेषज्ञों का मानना है कि परिवहन लागत बढ़ने से टायर, मोटर पार्ट्स, लुब्रिकेंट, मशीनरी उपकरण और दैनिक उपयोग की वस...