गुड़गांव, मार्च 25 -- गुरुग्राम,संवाददाता। वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध की तपिश अब गुरुग्राम की रसोई तक साफ तौर पर महसूस की जा रही है। कच्चे तेल, प्लास्टिक ग्रेन्यूल और अन्य आयातित कच्चे माल की कीमतों में उछाल का सीधा असर शहर के बाजारों पर पड़ा है। ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने और सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण थोक बाजारों से लेकर खुदरा दुकानों तक दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका असर सिर्फ प्लास्टिक के बर्तनों या किराना तक सीमित नहीं है, बल्कि पैकेजिंग, डेयरी उत्पाद, रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई चीजें भी महंगी हो गई हैं। स्थिति यह है कि जिन परिवारों का मासिक बजट पहले से तय रहता था, अब उन्हें हर हफ्ते खर्च का हिसाब बदलना पड़ रहा है। बचत घट रही है और आवश्यक जरूरतों को पूरा करना ही प्राथमिकता बन गया है। खासकर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के सामने स...