सासाराम, जून 17 -- परसथुआ, एक संवाददाता। महंगाई, बढ़ती उत्पादन लागत और बाजार में सस्ते मशीन निर्मित एवं चीनी उत्पादों की उपलब्धता के कारण क्षेत्र के पारंपरिक एवं पुस्तैनी धंधे बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इन व्यवसायों से जुड़े परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। यह भी पढ़ें- ठंड पड़ी गैस की भट्ठी, कोयले और लकड़ी का सहारा

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...