भभुआ, फरवरी 28 -- ई-रिक्शा और बाइक के बढ़ते क्रेज से साइकिल-रिक्शा कारीगर संकट में बदलती जीवनशैली, तेज रफ्तार, आधुनिक साधन ने प्रभावित किया कारोबार (बोले भभुआ) भभुआ, नगर संवाददाता। शहर की गलियों में कभी साइकिल की घंटी और पैडल रिक्शे की आवाज आम जीवन का हिस्सा हुआ करती थी। मुहल्लों में साइकिल-रिक्शा मरम्मत करने वाले कारीगरों की दुकानें सुबह से शाम तक ग्राहकों से भरी रहती थीं। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर जाने वाले कर्मचारी तक साइकिल का ही सहारा लेते थे। लेकिन, समय के साथ तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब सड़कों पर ई-रिक्शा की भरमार है और अधिकांश लोग मोटरसाइकिल या स्कूटी से ही सफर करना पसंद करते हैं। साइकिल बनाने वाले ललन, बेचू, हिमांशु व राधेश्याम बताते हैं कि पहले दिनभर में 10 से 15 साइकिल की मरम्मत हो जाती थी। अब मुश्किल से दो-तीन ग्र...
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