बाराबंकी, मार्च 22 -- बाराबंकी। जैसे-जैसे जल रिचार्ज संसाधन बढ़ रहे हैं, वैसे ही जल दोहन के नये तरीके संकट खड़ा कर रहे हैं। क्योंकि मसौली, हरख व बनीकोडर ब्लॉक जलदोहन सबसे ज्यादा कर रहे हैं। जल दोहन रोकने और रिचार्च संसाधन बढ़ाने के साथ ही यहां पर पानी की बर्बादी कम करने के लिए जागरुकता अभियान नहीं शुरू किया गया तो जिला सेफ जोन में ज्यादा दिन नहीं पाएगा। पानी की बर्बादी और सूखे तालाब खतरे की घंटी बजा रहे हैं। वर्ष 2013 से लेकर 2018 तक जिले में जल दोहन औसतन 67.17 प्रतिशत था। रिचार्ज संसाधन तालाबों की संख्या दो गुना हो गई, रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बढ़ाए गए। अमृत सरोवरों का भी काफी योगदान रहा। जल रिचार्ज करीब 5.06 प्रतिशत पहले से बढ़ गया है लेकिन अभी भी खतरा टला नहीं है। यह हाल तब है जब जिले में नहरों का जाल और अमृत सरोवरों की अच्छी सुविधा है। ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.