कन्नौज, मार्च 24 -- कन्नौज। शिक्षकों की नौकरी और अधिकारों की रक्षा को लेकर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को बीआरसी कार्यालय परिसर में आयोजित धरना और उसके बाद मशाल जुलूस के माध्यम से शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की। यूटा जिलाध्यक्ष पंकज भदौरिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 29 जुलाई 2011 को लागू किया गया था। अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान था कि 2011 से पहले नियुक्त शिक्षक टीईटी से मुक्त होंगे। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा 2017 में संशोधित अधिनियम संख्या 24 के तहत सुप्रीम कोर्ट ने सितम्बर 2025 में सभी शिक्षकों के लिए दो साल के भीतर टीईटी अनिवार्य कर दिया। इससे देश भर के वरिष्ठ शिक्षक नौकरी के संकट का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शन में जिला संरक्षक विवेक सिंह, शैल...
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