हल्द्वानी, मई 19 -- हल्द्वानी। बदलते मौसम और बढ़ती खेती लागत के बीच सब्जी उत्पादन में मल्चिंग तकनीक किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है।कृषि विज्ञान केंद्र ज्योलीकोट द्वारा टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च एवं मैरो (स्क्वैश) जैसी सब्जी फसलों पर मल्चिंग तकनीक के प्रदर्शन एवं अनुकरणीय परीक्षण किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। केवीके नैनीताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दीपाली तिवारी पांडेय ने बताया कि मल्चिंग तकनीक अपनाने से सब्जियों की उपज में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही फलों की गुणवत्ता, आकार एवं चमक में भी सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि मल्चिंग से मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे सिंचाई की जरूरत कम होती है और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। यह भी पढ़ें- मल्चिंग तकनीक से सब्जियों की...