लखनऊ, मई 23 -- मलिहाबाद के कसमंडी कला गांव में अलग-अलग धर्म के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष गांव में पीएचसी के पास बने एक पुराने किले को 11वीं सदी के राजपासी महाराज कंसा का किला व मंदिर होने का दावा करने लगा, जबकि दूसरा पक्ष वक्फ की संपत्ति बताने लगा। एक पक्ष ने एसडीएम मलिहाबाद को ज्ञापन देकर पुरातत्व विभाग से जांच कराए जाने, परिसर में दूसरे धर्म की गतिविधियां रोकने की मांग की। तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। कसमंडी कला गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास बने पुराने किलो में लाखन आर्मी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। सूरज ने इस किले को राजपासी महाराजा कंसा का किला और मंदिर होने दावा किया। उन्होंने समर्थकों के साथ किले में बनी आकृतियों और कलश...