कोडरमा, मई 4 -- कोडरमा, हिन्दुस्तान टीम। धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण अधिक मास (मलमास) इस वर्ष 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस बार अधिक मास के कारण जेठ महीना पूरे 59 दिनों का होगा। कोडरमा के आचार्य मनी बाबा के अनुसार, जब सूर्य और चंद्रमा की गणना में अंतर आता है, तब अधिक मास का समावेश होता है। इसे पंचांग में संतुलन बनाने के लिए जोड़ा जाता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्यों पर पूर्ण रूप से विराम रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में शुभ कार्यों की बजाय भक्ति, साधना और दान-पुण्य करना अधिक फलदायी माना जाता है। इस मास का सबसे बड़ा महत्व भगवान विष्णु की पूजा से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि अधिक मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और इस दौरान उनकी आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। श...