बिहारशरीफ, मई 19 -- मलमास मेला : आस्था, इतिहास और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम राजगीर की भूमि देवी-देवताओं की तपोस्थली 33 कोटि देवता एक माह तक विराजते हैं राजगीर में फोटो: राजगीर मेला: राजगीर मलमास मेला के दौरान ब्रह्मकुंड की विहंगम तस्वीर। पावापुरी, निज संवाददाता। बिहार की ऐतिहासिक नगरी राजगीर में लगने वाला मलमास मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, पौराणिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यह मेला आस्था, इतिहास और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम है। प्रत्येक तीन वर्ष पर पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक अनुभूति से जोड़ता है। यह भी पढ़ें- मलमास मेला: तीसरे दिन एक लाख श्रद्धालुओं ने लगायी कुंडों में डुबकी पौराणिक मान्यताएँ पंडित पुर...