धनबाद, मई 18 -- रविवार से मलमास की शुरुआत हो गई है। इसे अधिकमास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इसके कारण मांगलिक कार्यों पर लंबा ब्रेक लग गया है। यह मलमास 15 जून तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद 25 जुलाई से 20 नवंबर तक चातुर्मास लगने से विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण जैसे शुभ कार्य फिर से स्थगित रहेंगे। ऐसे में अब अब जून और जुलाई में महज 13 लग्न ही शेष हैं। इसके बाद सीधे नवंबर के अंतिम सप्ताह और दिसंबर में ही विवाह के लिए अनुकूल लग्न मिल पाएंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अधिकमास प्रत्येक लगभग तीन वर्ष के अंतराल पर पंचांग की गणना के आधार पर जोड़ा जाता है ताकि सूर्य और चंद्रमा की गति में संतुलन बना रहे। इस बार अधिकमास ज्येष्ठ में पड़ने के कारण ज्येष्ठ मास 59 दिनों का हो गया है, जो एक दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। इसके चलते पर्व-त्योहारों की तिथियों में...