सासाराम, मई 29 -- दिनारा, एक संवाददाता। मर्यादा में बंधकर रहने वालों का भगवान कभी भी परीक्षा नहीं लेते हैं। जबकि मर्यादा को त्यागने वालों को अतिशय कष्ट झेलना पड़ता है। भगवान शिव के वचन को ना मानने के कारण उनकी पत्नी माता सती को भी शिव से दूर हो जाना पड़ा और अपने प्राणों की आहुति तक देनी पड़ गई। उक्त बातें लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज के सानिध्य में मउडिहरा गांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथावाचक पं. विश्वकांताचार्य जी ने कही। यह भी पढ़ें- मर्यादा का त्याग करने वालों को झेलना पड़ता है कष्ट: पं. विश्वकांताचार्य

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