मुंगेर, मई 4 -- मुंगेर, निज संवाददाता। मुंगेर जिले में सरकारी तंत्र की उदासीनता और फाइलों में दबी विकास की योजनाओं का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। जिले में करीब 54 लाख रुपये की लागत से बना आधुनिक मर्चुरी हाउस पिछले 10 वर्षों से अपने उद्घाटन की राह देख रहा है। विडंबना यह है कि, एक ओर जहां करोड़ों की लागत से बना यह भवन सफेद हाथी साबित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आज भी खुले आसमान के नीचे शवों का पोस्टमार्टम करने की मजबूरी बनी हुई है। 2016 में ही बनकर तैयार हुआ था भवनः जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा केंद्रीय दवा भंडार के पास इस अत्याधुनिक मर्चुरी हाउस का निर्माण कराया गया था। लगभग 54 लाख रुपये खर्च कर बनाए गए इस भवन को नवंबर 2016 में ही सदर अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया गया था।...
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