नई दिल्ली, मई 22 -- यूपी में मेडिकल लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC)ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी सर्जन पर 2 करोड़ रुपये का मुआवजा लगाया है। आयोग ने कहा कि यह चिकित्सा जगत की सबसे गंभीर और दुर्लभ लापरवाहियों में से एक है, जिसे किसी भी हाल में माफ नहीं किया जा सकता। मामला साल 2012 का है। 56 वर्षीय शांति देवी को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद उत्तर प्रदेश के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।दाईं किडनी की बजाए बाईं निकाल दी परिवार ने मशहूर सर्जन डॉ. राजीव लोचन से संपर्क किया। जांच में डॉक्टर ने बताया कि शांति देवी की दाहिनी किडनी गंभीर रूप से खराब हो चुकी है, जबकि बाईं किडनी पूरी तरह स्वस्थ है। डॉक्टर ने सलाह दी कि मरीज की जान बचाने के लिए खराब किडनी को तुरंत ऑपर...