रिषिकेष, जुलाई 7 -- एम्स ऋषिकेश में पैथोलॉजिस्टों के लिए मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स विषय पर पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप शुरू हुई। कार्यशाला में पैथोलॉजिस्ट और पोस्टग्रेजुएट प्रतिभागियों को मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक तकनीकों के बारे में एडवांस्ड ट्रेनिंग दी जा रही है। मंगलवार को एम्स में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। उन्होंने पर्सनलाइज्ड मेडिसिन के महत्व पर जोर दिया और मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने में मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स की अहम भूमिका को रेखांकित किया। डीन एकेडमिक्स प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने पैथोलॉजी के पारंपरिक मॉर्फोलॉजी-आधारित डायग्नोसिस से मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स की ओर हो रहे बदलाव पर विस्तृत प्रकाश डाला।

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