नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह आरक्षण के लिए मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले के खिलाफ जनहित याचिकाएं खारिज कर दी, क्योंकि याचिकाकर्ता पीड़ित व्यक्ति नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति (ओबीसी श्रेणी के लोग) पहले ही हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर चुके हैं, जिस पर 22 सितंबर को एक अन्य पीठ सुनवाई करेगी। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर ये जनहित याचिकाएं ठीक नहीं हैं। यह विकल्प (सरकारी फैसले को चुनौती देने का) पीड़ित पक्ष के लिए है, हर किसी के लिए नहीं। पीठ ने कहा कि कानून में दुर्भावना का मुद्दा केवल पीड़ित पक्ष ही उठा सकता है और ये याचिकाकर्ता पीड़ित पक्ष नहीं हैं। इसके बाद अदालत ने जनहित याचिकाओ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.