जमशेदपुर, सितम्बर 23 -- जमशेदपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने मरांग बुरु यानी पारसनाथ पहाड़ से जुड़े केंद्र सरकार के 5 जनवरी 2023 के आदेश पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मामले में केंद्रीय वन, जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण मंत्रालय को दूसरा स्मरण पत्र जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। यह भी पढ़ें- मरांग बुरु मामले में एनसीएसटी सख्तआंदोलन की पृष्ठभूमि यह जानकारी मारांग बुरु बचाओ संघर्ष मोर्चा द्वारा रांची कार्यालय में आयोजित बैठक में दी गई। स्व. रामलाल मुर्मू द्वारा स्थापित मारांग बुरु फाउंडेशन, पीरटांड़ की ओर से आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई हुई है। संस्था का आरोप है कि जैन समुदाय ने राज्य, केंद्र सरकार और न्यायालय को अंधेरे में रखकर तथा गलत जानकारी देकर आदिवासियों के अधिकारों के खिलाफ एकत...