गिरडीह, अगस्त 31 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। पारसनाथ पहाड़ को मरांग बुरु बताते हुए इसके धार्मिक और सांस्कृतिक अस्तित्व की रक्षा को लेकर मरांग बुरु बचाओ संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन की चेतावनी दी है। सोमवार को न्यू परिसदन भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में मोर्चा के जिलाध्यक्ष महावीर मुर्मू ने कहा कि हजारीबाग के सरकारी गजट में भी इस पर्वत का उल्लेख मरांग बुरु के रूप में किया गया है। उन्होंने कहा कि संथाल आदिवासी समाज के लिए पारसनाथ सदियों से पवित्र आस्था और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा है। मुर्मू ने आरोप लगाया कि जैन समुदाय की ओर से पारसनाथ पहाड़ पर एकाधिकार स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे आदिवासियों की पारंपरिक पूजा-पद्धति और धार्मिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे कुछ लोग क्षेत्र के शांतिपूर्ण और सौहार्दपू...