नई दिल्ली, जून 9 -- तृणमूल कांग्रेस 28 साल के इतिहास में सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। कोलकाता में 58 विधायकों के बागी होने के बाद अब संसदीय दल में बगावत शुरू हो गई है। अगर इतिहास के पन्ने को पलटें तो एक दौर में खुद टीएमसी का गठन कुछ इसी तरह हुआ था। ममता ने कांग्रेस से बगावत करके तृणमूल का गठन किया था।कांग्रेस की टिकट पर सांसद बनीं ममता बनर्जी ने छात्र जीवन से ही राजनीति का सफर शुरू किया। छात्र राजनीति के बाद ममता ने कांग्रेस का दामन थामा और सियासी मंच पर एक सशक्त नेता के रूप में उभरीं। 1984 में पहली बार कांग्रेस से सांसद बनीं।वाम मोर्चे को लेकर शुरू हुआ मतभेद वर्ष 1990 में वाम मोर्चे के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बुरी तरह पीटा था। धीरे-धीरे उन्हें लगने लगा कि कांग्रेस में रहना उनके इस संघर्ष में बाधा बन रहा है। उनका मानना था कि कांग्रेस आलाक...