कोलकाता, मई 5 -- पश्चिम बंगाल में भवानीपुर की सीट ममता बनर्जी का गढ़ मानी जाती रही है। इससे पहले भी बंगाल की राजनीति में यह सीट काफी अहम रही है। भवानीपुर ने ही साल 1970 में, सिद्धार्थ शंकर रॉय के रूप में बंगाल को पहला कांग्रेसी मुख्यमंत्री दिया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख चेहरों, सु्ब्रता मुखर्जी और शोभोनदेव चट्टोपाध्याय ने भी इसी सीट से चुनाव लड़ा। अब इसी सीट पर टीएमसी को सबसे बड़ा झटका भी लगा है। भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को शिकस्त दी है। ममता 15,105 वोटों से यह चुनाव हारी हैं। आइए जानते हैं उन छह वजहों के बारे में, जो भवानीपुर में ममता की हार की वजह बनीं... सत्ता विरोधी लहर का असरएंटी इनकम्बेंसी एक ऐसा फैक्टर है जो अगर किसी सरकार के खिलाफ हो तो उसकी सबसे सुरक्षित सीट भी सुरक्षित नहीं रह जाती है। कुछ ऐसा ही इस बार ममत...
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