कोलकाता, मई 5 -- ममता बनर्जी की ताकत मुस्लिम वोटर और महिलाएं माने जाते थे। बीते 15 सालों से बंगाल में उनकी लगातार बनी रही सत्ता के ये दो फैक्टर थे, जो इस बार कमजोर पड़ते दिखे हैं। माना जा रहा है कि इसी के चलते ममता बनर्जी की पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में रेप और मर्डर जैसी घटना ने महिलाओं के बीच सुरक्षा का सवाल खड़ा किया। इसके अलावा महिला आरक्षण बिल के गिर जाने को मुद्दा बनाते हुए भाजपा ने जमकर प्रचार किया। यही नहीं महिलाओं को केंद्र में रखते हुए भाजपा ने कई ऐलान किए। इसका सीधा असर चुनाव में दिख रहा है। अब दूसरे एम की बात करें तो यह मुस्लिम फैक्टर है। इस बार यह समुदाय पहले की तरह लामबंद नहीं हुआ। टीएमसी में ही अंदरखाने चर्चा है कि SIR, वक्फ और ओबीसी लिस्ट से मुस्लिम जातियों को बाहर किए जाने के मसले पर ममता स...
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