मन के भटकाव में नहीं, गुरू के बताये मार्गों पर चलें: आचार्य
अररिया, मई 17 -- अररिया, निज प्रतिनिधि परमार्थ का सबसे बड़ा शत्रु आलस होता है और यही आलस हमें परमार्थ के रास्ते पर नहीं चलने देता है। उक्त बातें रामाश्रम सत्संग के वार्षिकोत्सव के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आचार्य ओम नारायण शर्मा ने कही। शहर के ओमनगर में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि आलस का सबसे बड़ा कारण यह है कि हम लोग मन के अधीन हैं मन हमें अपने हिसाब से चलाता है। पटना से आचार्य अमरेन्द्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि हम लोग अच्छे और सच्चे रास्ते पर चलने की बात सोच तो लेते हैं परंतु मन हमें डिगा देता है। यह भी पढ़ें- जिसने प्रेम को समझ लिया, उसने ईश्वर को पा लिया : ब्रह्मचारी अतुलानंद वह करने नहीं देता, आज की बात कल पर टालकर सिर्फ भटकता रहता है। साथ ही हमें भी भटकाता है इसीलिए गुरु की बातों पर पूर्ण विश्वास करके उनके बताए गए रास्ते ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.