मन की चंचलता खत्म होने पर मिलता है सच्चा आनंद
मेरठ, जून 17 -- मन स्वभाव से चंचल होता है, लेकिन नियमित अभ्यास से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। प्राणायाम मन को शांत और स्थिर बनाता है। एकाग्रता एवं आत्मिक शक्ति बढ़ाता है। जब मन की चंचलता खत्म होती है तभी वास्तविक शांति और आनंद की मिलता है। अशांत व्यक्ति कभी भी वास्तविक सुख का अनुभव नहीं कर सकता। सीसीएसयू कैंपस में जारी योग शिविर के तीसरे दिन स्वामी कर्मवीर जी महाराज ने उक्त बातें कहीं। स्वामी कर्मवीर ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की संपूर्ण जीवन पद्धति है। उन्होंने पीठ एवं पेट से जुड़े रोगों के लिए विशेष योगाभ्यास कराए। यह भी पढ़ें- सात दिवसीय शिविर के तीसरे दिन पेट रोगों से बचाव के बताए उपाय स्वामी कर्मवीर ने कहा कि नियमित योग एवं प्राणायाम से व्यक्ति में दुख सहन करने की क्षमता विकसित ...
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