विकासनगर, मई 15 -- जौनसार बावर की अनूठी परंपराएं आज भी जीवंत हैं। अपनी मन्नत पूरी होने पर देवता को एक रात के प्रवास पर अपने घर ले जाने की पुरातन परंपरा का निर्वहन करते हुए शुक्रवार को नराया गांव के शिलगूर महाराज की देव पालकी विकासनगर पहुंची। ढोल-दमाऊं की थाप और देव जयकारों के साथ समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। ​

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