वाराणसी, जनवरी 31 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशी की सड़कों-गलियों से अपनी गायन यात्रा शुरू कर देश की संसद तक पहुंचने वाले काशी के लोकप्रिय कलाकार मनोज तिवारी 'मुदुल' ने बनारस लिट् फेस्ट की पहली दोपहर को लोक रंग में रंगा। सुर प्रवाह प्रांगण के मंच पर मनोज तिवारी ने लोक संगीत का अद्भुत संसार रचा। वह मंच पर आए तो माहौल भोजपुरी माटी की सुगंध से सराबोर हो गया। लोक-सुर, स्मृतियां और संवाद तीनों का मजा श्रोताओं ने साथ लिया। गायन की शुरुआत शिवभक्ति से की। हर हर महादेव से की। 'ए राजा जी.' और चर्चित 'रिंकिया के पापा'. ने सभागार को तालियों और मुस्कानों से भर दिया। गीतों के बीच-बीच में श्रोताओं से आत्मीय संवाद करते हुए उन्होंने जेन-जी का आह्वान किया। कहा कि आप चाहे जिस गांव और क्षेत्र से हों, अपने लोक संगीत से जुड़ाव रखें। उसमें नया प्रयोग करने और...
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