मनु शर्मा और 'बावला' का साहित्यिक योगदान अप्रतिम
वाराणसी, अगस्त 30 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। साहित्यकार मनु शर्मा लीक पर नहीं चले। भगवान श्रीकृष्ण की पौराणिक कथा को आत्मकथा शैली में प्रस्तुत करने की उनकी कल्पना बिल्कुल नई थी। भोजपुरी के जनकवि रामजियावन 'बावला' की कविताओं का जनमानस पर तत्काल प्रभाव पड़ता है। यह भी पढ़ें- Mau News: 'पलाश' एवं 'भावों की सरिता' काव्य संग्रहों का हुआ विमोचनसाहित्यिक चर्चा दोनों साहित्यकारों का साहित्य जगत में विशिष्ट स्थान है। अर्दली बाजार स्थित राजकीय जिला पुस्तकालय में शनिवार को साहित्यकारों ने मनु शर्मा और रामजियावन 'बावला' के साहित्यिक योगदान पर विशद चर्चा में ये बातें कहीं। विद्याश्री न्यास और साहित्यिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कई साहित्यकारों ने भाग लिया। यह भी पढ़ें- Siwan News रामचरितमानस से विषम परिस्थितियों में एकता के स...
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