मनुष्य ही नहीं, पशु-पक्षियों की आवाज को भी समझ लेते थे देवरहा बाबा
देवरिया, जुलाई 28 -- भागलपुर(देवरिया),रामू यादव। जिला मुख्यालय देवरिया से 38 किमी दूरी पर मईल के दियारा में सरयू नदी के तट पर विश्व विख्यात सिद्ध संत महर्षि देवरहा बाबा का आश्रम व गुफा है। देवरहा बाबा ने अपना पूरा जीवन सहज, सरल और सादे तरीके से व्यतीत किया। उनके अनुयायियों का मानना है कि बाबा का बिना पूछे हर किसी के बारे में जान लेना उनकी साधना की शक्ति थी। देवरहा बाबा के पास ज्ञान का खजाना था। उनके चमत्कारों की अनेक कहानियां हैं। यही वजह है कि उनका दर्शन करने के लिए देश-दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गज भी उनके पास आते थे। बाबा सरयू नदी के किनारे स्थित अपने आश्रम में बने मचान से भक्तों को दर्शन देते थे। दावा तो यहां तक किया जाता है कि वह मनुष्य ही नहीं, पशु पक्षियों की भी आवाज को समझ लेते थे। आज भी गुरू पूर्णिमा पर यहां दूर-दूर से बाबा के शिष्य...
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