मनुष्य महज कर्म का अधिकारी, फल देना ईश्वर का काम
बलिया, जून 10 -- बांसडीह, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के सैदानाथ मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय रुद्रमहायज्ञ एवं रामकथा का समापन मंगलवार की देर शाम विविध धार्मिक अनुष्ठानों यथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन और भंडारा के साथ हुआ, इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।अंतिम दिन प्रवचन में साधना शास्त्री ने बताया कि मनुष्य को अपने कर्म करते रहना चाहिए, क्योंकि हानि-लाभ, जीवन-मरण, यश और अपयश जैसी छह महत्वपूर्ण बातें भगवान के अधीन हैं। कहा कि भगवान ने सृष्टि की रचना करते समय मनुष्य को कर्म करने की पूरी स्वतंत्रता दी, लेकिन छह चीजें अपने हाथ में रखी। मनुष्य व्यापार कर सकता है पर उसमें लाभ होगा या हानि, यह भगवान के हाथ में है। किसी को जीवन देना और किसी की मृत्यु निर्धारित करना भी ईश्वर के अधिकार क्षेत्र में है। इसी प्रकार यश और अपयश भी म...
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