मनुष्य जीवन दुर्लभ, इसे ईश्वर की भक्ति में लगाएं
नवादा, जून 15 -- हिसुआ स्थित अनिलम उत्सव पार्क सह मैरिज हॉल में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह भी पढ़ें- मानव जीवन का उद्देश्य धर्म, भक्ति और सदाचार का पालन करनाधार्मिक प्रवचन राष्ट्रीय संत परम पूज्य राकेश जी महाराज ने भगवान की भक्ति, सत्संग और मानव जीवन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे ईश्वर की भक्ति, सेवा तथा सत्कर्मों में लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। जीवन में आने वाली कठिनाइयों और दुखों से मुक्ति पाने के लिए भगवान के नाम का स्मरण तथा सत्संग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिस घर और समाज में धर्म तथा संस्कारों का पालन होता है, वहां सुख, शांति और समृद्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.