भागलपुर, अप्रैल 30 -- कहलगांव , निज प्रतिनिधि नंदलालपुर स्थित देवीपुर शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा वाचिका पूर्ति किशोरी ने कहा कि एक आदर्श समाज वही है, जहां जाति और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को समान अधिकार और सम्मान मिले।उन्होंने बताया कि जब मनुष्य या कोई समूह स्वयं को दूसरों से श्रेष्ठ मानने लगता है और अहंकार में डूब जाता है, तभी उसके पतन की शुरुआत हो जाती है। श्रीकृष्ण की रासलीला का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि महारास में विभिन्न वर्ग, आयु और समाज की गोपियां शामिल होती हैं, और भगवान सभी के साथ समान भाव से नृत्य करते हैं। यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण की लीलाएं अपरंपार, प्रेम व भक्ति का दिखाती हैं मार्ग : पूर्ति किशोरी यह इस बात का प्रतीक है कि ईश्वर की दृष्टि में कोई छोटा-बड़ा या अमीर-गरीब नहीं होता। जब...
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