मेरठ, अप्रैल 24 -- श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में चल रहे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के तीसरे दिन नित्य नियम पूजन व भगवान की शांतिधारा की गई। शांतिधारा अरूण जैन, सुधीर जैन, सुभाष जैन, वीरेंद्र जैन ने किया। विधान की समस्त मांगलिक क्रियाएं पं. आशीष जैन शास्त्री ने महामंत्रों के साथ कराई। मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि मनुष्य को हमेशा सत्कर्म करने चाहिए। धर्म के मार्ग पर चलकर ही मनुष्य भगवान का प्राप्त कर सकता है। दूसरों की मदद करने वालों पर भगवान की हमेशा विशेष कृपा रहती है। संतों ने श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। यह भी पढ़ें- भक्ति का फल सांसारिक विषयों में न लगाएं श्रद्धालुओं द्वारा मांडले पर 256 अर्घ समर्पित किए गए। विधान संयोजक विजय कुमार जैन रहे। विधान में वीरेंद्र जैन, राकेश जैन, कुणाल जैन, प्रमोद जै...