सहारनपुर, दिसम्बर 7 -- अंबेहटा। एक सप्ताह तक चलने वाली भागवत कथा के दूसरे दिन पंडित नाथीराम ने कहा कि भागवत कथा ऐसा ग्रंथ है जिसके स्पर्श मात्र से ही मनुष्य में धर्म की भावना उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सुख व दुख उसके कर्मों के फल के अनुसार प्राप्त होता है। मनुष्य को सुख प्राप्त करने के लिए अच्छे कर्म करने चाहिए। कथा में दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भागवत ग्रंथ का दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। कथा के समापन समारोह पर श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर सैकड़ो की संख्या में महिलाएं व पुरुष उपस्थित रहे।
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