मनुष्य को ज्योतिर्मय पथ पर चलने की प्रेरणा देते हैं गुरु: निरंजनानंद
मुंगेर, जुलाई 28 -- मुंगेर। संन्यास पीठ स्थित पादुका दर्शन परिसर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच हुआ। परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने गुरु परंपरा के महत्व और चेतना के विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से 2031 तक परमगुरु स्वामी सत्यानंद सरस्वती की पद्म जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि पद्म का अर्थ चेतना है और यह उत्सव उनकी जागृत चेतना को समर्पित है। इस अवधि में देश-विदेश में विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने बताया कि, इसी क्रम में 6 मई 2026 को भगवान श्री तिरुपति बालाजी का पहली बार मुंगेर आगमन हुआ था। यह भी पढ़ें- Auraiya News: गणेश पूजन के साथ शुरू हुआ गुरु पूर्णिमा महोत्सव इस ऐतिहासिक अवसर पर भगवान ...
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